Skip to content
  • Home
  • About us
  • Disclaimer
  • Contact us
  • Register
  • Privacy Policy
  • Home
  • About us
  • Disclaimer
  • Contact us
  • Register
  • Privacy Policy
Sign in
  • आज फोकस में
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • ई-पेपर
  • आज फोकस में
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • ई-पेपर

Edition

SUPPORT JOURNALIST
Sign in
  • आज फोकस में
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • ई-पेपर
  • आज फोकस में
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • ई-पेपर

मेटा के खिलाफ अमेरिका में बड़ा केस, हारने पर बदल सकता है Instagram और Facebook

  • BDC Hindi
  • August 18, 2026
  • 7:55 am
  • No Comments
मेटा के खिलाफ अमेरिका में बड़ा केस, हारने पर बदल सकता है Instagram और Facebook

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

30 अमेरिकी राज्यों ने मेटा के खिलाफ खोला मोर्चा, 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की मांग; युवाओं की सुरक्षा को लेकर कई बड़े बदलावों की मांग

नई दिल्ली। सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा के सामने अमेरिका में एक बड़ा कानूनी संकट खड़ा हो गया है। 30 अमेरिकी राज्यों की ओर से मेटा के खिलाफ दायर मुकदमे की सुनवाई मंगलवार से शुरू होने जा रही है। इस मामले में राज्यों ने कंपनी पर बच्चों और किशोरों से जुड़े संघीय एवं राज्य कानूनों का उल्लंघन करने और उनकी प्राइवेसी को खतरे में डालने का आरोप लगाया है।

मामला केवल आर्थिक जुर्माने तक सीमित नहीं है। राज्यों ने मेटा से 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की मांग की है और साथ ही इंस्टाग्राम तथा फेसबुक के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव करने की मांग भी की है।

अगर अदालत में मेटा को हार का सामना करना पड़ता है, तो इसका सीधा असर इंस्टाग्राम और फेसबुक के करोड़ों यूजर्स के अनुभव पर पड़ सकता है। खास तौर पर बच्चों और किशोरों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने का तरीका काफी बदल सकता है।

इंस्टाग्राम और फेसबुक में किन बदलावों की मांग?

मेटा के खिलाफ मुकदमा करने वाले राज्यों का कहना है कि कंपनी के प्लेटफॉर्म को बच्चों और कम उम्र के यूजर्स के लिए ज्यादा सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।

इसके लिए राज्यों ने कई महत्वपूर्ण बदलावों की मांग की है।

  • किशोर यूजर्स के माता-पिता के वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू की जाए।
  • एल्गोरिदम में बदलाव किया जाए, ताकि यूजर्स लगातार कई घंटों तक स्क्रॉल न करते रहें।
  • तस्वीरों में चेहरे और शरीर का लुक बदलने वाले कुछ इमेज फिल्टर हटाए जाएं।
  • वीडियो का ऑटो-प्ले फीचर खत्म किया जाए।
  • एक से ज्यादा अकाउंट बनाने पर रोक लगाई जाए।
  • इंस्टाग्राम स्टोरीज जैसी अस्थायी या गायब होने वाली पोस्ट की सुविधा बंद की जाए।

इनमें से कई फीचर्स इंस्टाग्राम और फेसबुक के मौजूदा अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में अदालत का फैसला मेटा के प्लेटफॉर्म के डिजाइन और इस्तेमाल के तरीके पर बड़ा असर डाल सकता है।

युवाओं को ज्यादा देर तक प्लेटफॉर्म पर रखने का आरोप

मुकदमा करने वाले राज्यों का आरोप है कि मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म के फीचर्स और एल्गोरिदम को इस तरह डिजाइन किया है कि बच्चे, किशोर और अन्य यूजर्स ज्यादा से ज्यादा समय तक ऐप पर बने रहें।

राज्यों का यह भी दावा है कि नोटिफिकेशन जैसी सुविधाओं के जरिए यूजर्स को बार-बार प्लेटफॉर्म पर वापस आने के लिए प्रेरित किया जाता है।

आरोप है कि मेटा ने बच्चों और युवाओं को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़कर यूजर बेस बढ़ाया और अपने कारोबार का विस्तार किया।

मेटा की बाजार कीमत फिलहाल करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर बताई जा रही है।

हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है। मेटा का कहना है कि वह युवाओं की सुरक्षा और उनके समर्थन के लिए लंबे समय से काम कर रही है और मामले में पेश किए जाने वाले सबूत उसकी प्रतिबद्धता को साबित करेंगे।

न्यू मैक्सिको के फैसले से बढ़ी मेटा की मुश्किल

मेटा के खिलाफ हाल ही में अमेरिका के न्यू मैक्सिको में भी एक अहम फैसला आया था।

वहां एक न्यायाधीश ने कंपनी पर करीब 94.2 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया और प्लेटफॉर्म में कई बदलाव करने का आदेश दिया।

आदेश में 18 वर्ष से कम उम्र के यूजर्स के लिए लाइक काउंट खत्म करने, किशोरों के जरिए प्लेटफॉर्म पर न्यूड कंटेंट भेजने पर रोक लगाने और पुश नोटिफिकेशन को दिन के कुछ निश्चित घंटों तक सीमित करने जैसे बदलाव शामिल थे।

न्यायाधीश ने मेटा को एक ‘पब्लिक न्यूसेंस’ यानी सार्वजनिक उपद्रव के रूप में भी माना। मेटा ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है।

हालांकि न्यू मैक्सिको का फैसला फिलहाल उसी राज्य तक सीमित है, लेकिन अगर 30 राज्यों का मौजूदा मुकदमा भी मेटा के खिलाफ जाता है, तो कंपनी को पूरे अमेरिका में अपने प्लेटफॉर्म में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।

इस मुकदमे में शामिल 30 राज्य अमेरिका की लगभग दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

‘लाइक’ फीचर पर भी उठे सवाल

इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाइक की संख्या लंबे समय से यूजर्स के बीच लोकप्रियता और एंगेजमेंट मापने का एक प्रमुख तरीका रही है। लेकिन अब यही फीचर खासकर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवालों के घेरे में है।

अमेरिका में मेटा के खिलाफ एक अन्य मामले में कैली नाम की युवा यूजर ने कंपनी के खिलाफ जीत हासिल की थी। अदालत में उन्होंने बताया था कि उन्होंने यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर दर्जनों अकाउंट बनाए थे और अपने पोस्ट पर ज्यादा लाइक्स हासिल करने के लिए उनका इस्तेमाल किया।

कैली के मुताबिक, इससे उन्हें दूसरे यूजर्स से जुड़ने और संतुष्टि तथा आत्मसम्मान महसूस करने में मदद मिलती थी। उस समय उनकी उम्र सिर्फ नौ साल थी। उन्होंने यह भी बताया कि वह उस दौरान डिप्रेशन से जूझ रही थीं।

पिछले कई वर्षों में हुए शोध में भी लाइक काउंट जैसे एंगेजमेंट मेट्रिक्स को किशोरों में सामाजिक तुलना, रिजेक्शन और डिप्रेशन जैसी नकारात्मक भावनाओं से जोड़कर देखा गया है।

मेटा की अपनी रिसर्च भी बनी सवालों का आधार

30 राज्यों के मुकदमे में वकीलों ने मेटा की अपनी रिसर्च का भी हवाला दिया है।

मामले में कंपनी ने अदालत को बताया है कि उसने 20 लाख से अधिक दस्तावेज सौंपे हैं। वहीं वकीलों का कहना है कि मेटा की अपनी रिसर्च में यह सामने आया था कि इंस्टाग्राम पर दूसरे लोगों से तुलना करने के कारण यूजर्स में अकेलेपन की भावना, अपने शरीर को लेकर असंतोष और खराब मूड जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

न्यू मैक्सिको के न्यायाधीश ने भी अपने आदेश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य संकट से जोड़ते हुए गंभीर टिप्पणियां की थीं।

अब नजर अमेरिका की अदालत पर

अब 30 अमेरिकी राज्यों के वकील मेटा के खिलाफ अपने मामले को अदालत के सामने रखेंगे। इस मामले का फैसला कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अगर मेटा इस मुकदमे में हारती है, तो मामला सिर्फ अरबों या ट्रिलियन डॉलर के संभावित आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर इंस्टाग्राम और फेसबुक के उन फीचर्स पर भी पड़ सकता है, जिन्हें करोड़ों यूजर्स रोजाना इस्तेमाल करते हैं।

ऐसे में आने वाले समय में लाइक काउंट, ऑटो-प्ले, नोटिफिकेशन, एल्गोरिदम, स्टोरीज और अकाउंट बनाने की प्रक्रिया जैसे फीचर्स में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

यानी मेटा के खिलाफ यह मुकदमा सिर्फ एक कंपनी की कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि आने वाले समय में युवाओं के सोशल मीडिया इस्तेमाल का तरीका तय करने वाला बड़ा फैसला साबित हो सकता है।

BDC Hindi
Author: BDC Hindi

Share करें

✓ Link copy हो गया!
PrevPreviousचतरा मंडल कारा में आर्म्स एक्ट के बंदी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जेलकर्मियों पर लगाया हत्या का आरोप
NextAadhaar Card New Rules 2026: आधार कार्ड को लेकर बदले नियम, जानिए क्या है नया अपडेट और किसे होगा फायदाNext

Leave a Comment Cancel reply

और पढ़ें

Durga Puja 2026 Maa Durga

Durga Puja 2026: महालया से महानवमी तक जानें पूजा की सभी महत्वपूर्ण तारीखें

Teachers Day 2026 शिक्षक दिवस पर शिक्षक और विद्यार्थियों का सम्मान

शिक्षक दिवस” “5 सितंबर” “क्यों, कैसे और क्यों है खास?”

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 पर बाल गोपाल का जन्मोत्सव

Krishna Janmashtami 2026: 4 सितंबर को जन्माष्टमी, जानें क्यों और कैसे मनाते हैं, भारत समेत इन देशों में भी होता है उत्सव

26 से 31 अगस्त तक भारी बारिश का मौसम अलर्ट

Weather Alert: 26 से 31 अगस्त तक देशभर में मौसम का बड़ा अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश के साथ बिजली-तूफान का खतरा

खेल में करियर कैसे बनाएं 12वीं के बाद स्पोर्ट्स में करियर Sports Career in India Sports Courses After 12th खिलाड़ी कैसे बनें Sports Management Course Sports Coaching Course Sports Science Career स्पोर्ट्स में नौकरी खेल में करियर के अवसर

खेल में करियर सिर्फ खिलाड़ी बनने तक सीमित नहीं, जानिए 12वीं के बाद कौन-कौन से हैं शानदार विकल्प, कोर्स, योग्यता और कमाई

JPSC मेधा घोटाले में CID की बड़ी कार्रवाई: 11 अभ्यर्थियों से 1.10 करोड़ लेने का खुलासा, अब 9 को नोटिस की तैयारी

त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों ने बढ़ाई चिंता, सरकार के कदमों के बावजूद राहत का इंतजार

AI से नौकरी जाएगी या बनेगा नया करियर? 12वीं के बाद इन 5 कोर्स से बना सकते हैं भविष्य, जानिए फीस और सैलरी

हीटवेव में बढ़ सकता है दवाओं का असर, मानसिक स्वास्थ्य और ब्लड प्रेशर की कई दवाएं बढ़ाती हैं गर्मी से बीमारी का खतरा

आधार कार्ड के नए नियम 2026 और UIDAI के महत्वपूर्ण बदलाव

Aadhaar Card New Rules 2026: आधार कार्ड को लेकर बदले नियम, जानिए क्या है नया अपडेट और किसे होगा फायदा

  • विज्ञापन
BDC Hindi
Durga Puja 2026 Maa Durga

Durga Puja 2026: महालया से महानवमी तक जानें पूजा की सभी महत्वपूर्ण तारीखें

Teachers Day 2026 शिक्षक दिवस पर शिक्षक और विद्यार्थियों का सम्मान

शिक्षक दिवस” “5 सितंबर” “क्यों, कैसे और क्यों है खास?”

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 पर बाल गोपाल का जन्मोत्सव

Krishna Janmashtami 2026: 4 सितंबर को जन्माष्टमी, जानें क्यों और कैसे मनाते हैं, भारत समेत इन देशों में भी होता है उत्सव

26 से 31 अगस्त तक भारी बारिश का मौसम अलर्ट

Weather Alert: 26 से 31 अगस्त तक देशभर में मौसम का बड़ा अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश के साथ बिजली-तूफान का खतरा

खेल में करियर कैसे बनाएं 12वीं के बाद स्पोर्ट्स में करियर Sports Career in India Sports Courses After 12th खिलाड़ी कैसे बनें Sports Management Course Sports Coaching Course Sports Science Career स्पोर्ट्स में नौकरी खेल में करियर के अवसर

खेल में करियर सिर्फ खिलाड़ी बनने तक सीमित नहीं, जानिए 12वीं के बाद कौन-कौन से हैं शानदार विकल्प, कोर्स, योग्यता और कमाई

JPSC मेधा घोटाले में CID की बड़ी कार्रवाई: 11 अभ्यर्थियों से 1.10 करोड़ लेने का खुलासा, अब 9 को नोटिस की तैयारी

त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों ने बढ़ाई चिंता, सरकार के कदमों के बावजूद राहत का इंतजार

AI से नौकरी जाएगी या बनेगा नया करियर? 12वीं के बाद इन 5 कोर्स से बना सकते हैं भविष्य, जानिए फीस और सैलरी

आज फोकस में· राज्य· राष्ट्रीय· खेल· अंतर्राष्ट्रीय· क्राइम· धर्म· मनोरंजन· राजनीति· स्वास्थ्य· ई-पेपर
Home About us Disclaimer Privacy Policy Contact us Register
Contact Us
bdchindi24@gmail.com
Follow Us On
COPYRIGHT © 2026 BDC Hindi  |  DESIGN BY TRAFFIC TAIL  &  MANAGED BY 7K NETWORK
WhatsApp us
Facebook X-twitter Instagram Youtube
  • आज फोकस में
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • ई-पेपर
  • आज फोकस में
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • ई-पेपर