26 से 31 अगस्त तक देशभर में बारिश का अलर्ट, IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर चेताया
नई दिल्ली। देश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 अगस्त से 31 अगस्त 2026 के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
⚠️ कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना
IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तराखंड में 26 अगस्त तथा 30-31 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26-27 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 अगस्त, पूर्वी मध्य प्रदेश में 26 से 29 अगस्त, विदर्भ में 26 से 28 अगस्त और छत्तीसगढ़ में 26 से 31 अगस्त तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।
🌧️ बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। IMD के अनुसार बिहार में 26 से 29 अगस्त, झारखंड में 27 से 30 अगस्त और ओडिशा में 26 से 28 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में 29 अगस्त से 1 सितंबर तक भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
इस दौरान निचले इलाकों में जलभराव, सड़क पर पानी जमा होने और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
⛈️ पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम रहेगा सक्रिय
पूर्वोत्तर भारत में भी अगले कई दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश में 27 से 29 अगस्त और 31 अगस्त से 1 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। वहीं असम और मेघालय में 26 से 29 अगस्त तथा 31 अगस्त से 1 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 27 से 29 अगस्त तथा 31 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में 26 से 30 अगस्त के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
🌩️ गरज-चमक और बिजली गिरने से रहें सावधान
बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा भी कई राज्यों में बना रहेगा। ऐसे मौसम में खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे, नदी-तालाब और अन्य खुले स्थानों पर खड़े रहना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
बिजली चमकने और गरजने की स्थिति में तुरंत किसी सुरक्षित पक्के भवन के अंदर चले जाएं। अगर आप बाहर हैं और तुरंत सुरक्षित इमारत उपलब्ध नहीं है, तो खुले स्थान में खड़े रहने के बजाय सुरक्षित आश्रय तलाशना जरूरी है।
💨 तेज हवाओं से भी बढ़ सकती है परेशानी
IMD ने कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ तेज हवाओं और आंधी जैसी परिस्थितियों की संभावना जताई है। ऐसे में कमजोर पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग, टीन की छत और अस्थायी ढांचे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
इसलिए तेज हवा और आंधी के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें और खिड़की-दरवाजों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
🏙️ दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR में भी बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD के दिल्ली पूर्वानुमान में 26 अगस्त को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना बताई गई है।
बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और यातायात की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
🌊 समुद्र के आसपास रहने वाले लोग भी रहें सतर्क
दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाओं तथा समुद्री परिस्थितियों में खराबी की संभावना को देखते हुए मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करना चाहिए। खराब मौसम के दौरान समुद्र में जाने से बचना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
🛑 आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें—
- बिजली चमकने पर खुले मैदान में न जाएं।
- पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग के नीचे खड़े न हों।
- नदी, तालाब, नहर और अन्य जलस्रोतों से दूरी बनाए रखें।
- बारिश के दौरान अनावश्यक वाहन यात्रा से बचें।
- जलभराव वाले रास्तों में वाहन लेकर जाने से बचें।
- तेज हवा में कमजोर पेड़ और अस्थायी निर्माण से दूर रहें।
- बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें।
- मौसम खराब होने पर बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न भेजें।
- स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें।
- पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें।
🚨 क्यों महत्वपूर्ण है यह मौसम अलर्ट?
26 से 31 अगस्त के बीच देश के कई हिस्सों में एक साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। खासतौर पर उत्तर भारत, मध्य भारत, बिहार-झारखंड, पूर्वोत्तर और कुछ दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी परिस्थितियों का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए किसी पुराने मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय IMD और स्थानीय प्रशासन के ताजा अपडेट को प्राथमिकता दें।









