Durga Puja 2026: महालया से महानवमी तक जानें पूजा की सभी महत्वपूर्ण तारीखें

Durga Puja 2026 Maa Durga

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

दुर्गा पूजा 2026: महालया से शुरू होगी तैयारी, हाथी पर आएंगी मां दुर्गा, जानें पूजा और विसर्जन की तारीखें

Durga Puja 2026: मां दुर्गा की आराधना का पर्व सिर्फ पूजा और पंडालों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कई महत्वपूर्ण तिथियां और परंपराएं जुड़ी हैं। महालया से देवी पक्ष की शुरुआत, फिर कलश स्थापना और शारदीय नवरात्रि, इसके बाद बंगाल में षष्ठी से दुर्गा पूजा और अंत में विजयादशमी पर मां की विदाई होती है।

महालया कब है और क्यों है खास?

10 अक्टूबर 2026 को महालया अमावस्या होगी। महालया के साथ पितृपक्ष का समापन माना जाता है और इसके अगले दिन से देवी पक्ष की शुरुआत होती है। बंगाल में महालया का विशेष महत्व है। इसी दिन से दुर्गा पूजा की तैयारियों और देवी के स्वागत का माहौल बनना शुरू हो जाता है। (Drik Panchang)

महालया के अवसर पर चंडी पाठ सुनने की भी विशेष परंपरा है। हालांकि, धार्मिक दृष्टि से महालया स्वयं दुर्गा पूजा के पांच मुख्य दिनों में शामिल नहीं है।

कलश स्थापना कब होगी?

11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत और कलश स्थापना होगी। इसे घटस्थापना भी कहा जाता है। इसी दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। (Drik Panchang)

अर्थात 2026 में क्रम इस तरह रहेगा:

10 अक्टूबर – महालया → 11 अक्टूबर – कलश स्थापना/नवरात्रि शुरू → 16 अक्टूबर – बंगाल में दुर्गा पूजा की षष्ठी।

इस बार किस वाहन पर आएंगी मां दुर्गा?

2026 के दुर्गा पूजा पंचांग के अनुसार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। वहीं देवी का प्रस्थान चरणायुध पर माना गया है। देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन को धार्मिक परंपरा में प्रतीकात्मक महत्व दिया जाता है। (Drik Panchang)

दुर्गा पूजा 2026 की प्रमुख तारीखें

  • 10 अक्टूबर: महालया अमावस्या
  • 11 अक्टूबर: कलश स्थापना और शारदीय नवरात्रि की शुरुआत
  • 16 अक्टूबर: दुर्गा पूजा षष्ठी, पूजा की शुरुआत
  • 18 अक्टूबर: महासप्तमी और नवपत्रिका पूजा
  • 19 अक्टूबर: महाअष्टमी
  • 20 अक्टूबर: महानवमी और विजयादशमी/विसर्जन का क्षेत्रीय क्रम
  • 21 अक्टूबर: कुछ बंगाल-आधारित पंचांगों में विजयादशमी/विसर्जन का दिन

ध्यान दें: दुर्गा पूजा और दशमी की तारीख में क्षेत्रीय पंचांग और स्थानीय सूर्योदय के आधार पर अंतर दिखाई दे सकता है। इसलिए जिस शहर या राज्य के लिए खबर प्रकाशित की जा रही है, वहां के स्थानीय पंचांग के अनुसार अंतिम तारीख और विसर्जन का समय देना बेहतर रहेगा। (Drik Panchang)

मां दुर्गा की विदाई कैसे होगी?

विजयादशमी के दिन पूजा के समापन के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। बंगाल में इस अवसर पर सिंदूर उत्सव, धुनुची नृत्य, ढोल-नगाड़े और विसर्जन जुलूस विशेष आकर्षण होते हैं। भक्त मां को अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण देते हुए भावुक होकर विदाई देते हैं।

एक नजर में

महालया: 10 अक्टूबर
कलश स्थापना: 11 अक्टूबर
दुर्गा पूजा षष्ठी: 16 अक्टूबर
महाअष्टमी: 19 अक्टूबर
महानवमी: 20 अक्टूबर
मां दुर्गा का आगमन: हाथी पर
माँ दुर्गा का प्रस्थान: घोड़े पर (चरणायुध)

समापन:

नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा की आराधना के बाद विजयादशमी के दिन माँ दुर्गा की विदाई और विसर्जन किया जाता है। भक्त अगले वर्ष फिर माँ के आगमन की प्रतीक्षा करते हैं।

“माँ दुर्गा आएँगी सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लेकर और विदा होंगी भक्तों के जीवन में शक्ति, शांति और मंगल की कामना छोड़कर।”

 

 

Ravi Sardar
Author: Ravi Sardar

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

BDC Hindi