नई दिल्ली: E20 पेट्रोल नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने फ़िरोज़ शाह रोड पर मार्च को रोक दिया, जिसके बाद AAP के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी के कई कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे 2,33,238 लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन (पिटीशन) प्रधानमंत्री को सौंपने आए हैं। उनका दावा है कि E20 पेट्रोल से प्रभावित वाहन मालिकों की शिकायतों को सरकार के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से E20 नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की।
मार्च से पहले जारी एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा था कि उनके साथ ऐसे वाहन मालिक भी मौजूद हैं, जिनका दावा है कि E20 ईंधन के उपयोग से उनके वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि वे इन लोगों की समस्याओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराना चाहते हैं।
AAP का आरोप है कि E20 पेट्रोल को देशभर में लागू करने का निर्णय पर्याप्त सार्वजनिक चर्चा के बिना लिया गया है और इससे करोड़ों वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। पार्टी का कहना है कि पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर लोगों की चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस के अनुसार, BNSS की धारा 163 लागू होने के कारण प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। इसी वजह से प्रदर्शनकारियों को फ़िरोज़ शाह रोड पर रोक दिया गया।
E20 मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन के साथ शुद्ध पेट्रोल (Pure Petrol) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए। दूसरी, E20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम रखी जाए। तीसरी, पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से कम की जाए।
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और प्रदूषण में कमी आएगी। वहीं, E20 का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि इससे कुछ वाहनों का माइलेज कम हो सकता है तथा पुराने वाहनों के कुछ पार्ट्स पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20’ कार्यक्रम में भी E20 नीति का विरोध किया था। उस दौरान उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाए और कुछ वाहन मालिकों तथा एक मोटर मैकेनिक ने भी अपने अनुभव साझा किए।