डबल डाउन बार के बाहर हुए हमले में घायल हिमांशु सिंह ने TMH में तोड़ा दम l
जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन (डीडी) पब एंड बार के बाहर शनिवार रात हुए हिंसक विवाद ने सोमवार को बड़ा रूप ले लिया। पुलिस की मौजूदगी में हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल करणी सेना (युवा) के सरायकेला जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की सोमवार शाम टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में इलाज के दौरान मौत हो गई।
हिमांशु सिंह की मौत की खबर फैलते ही शहर में तनाव का माहौल बन गया। करणी सेना के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बिष्टुपुर मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया तथा मामले में शामिल सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की।
भाजपा नेता समेत 10 नामजद, दो आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में बिष्टुपुर थाना पुलिस ने आदित्यपुर निवासी अरविंद सिंह के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके भाजपा नेता एवं बार संचालक नीरज सिंह, सह-संचालक विजय कुमार सहित 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
नामजद आरोपियों में सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार और लखन मार्डी शामिल हैं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से हमले में इस्तेमाल किया गया चापड़ भी बरामद किया गया है। वहीं, नीरज सिंह और विजय कुमार समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
वायरल वीडियो ने खड़े किए कानून-व्यवस्था पर सवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ हमलावर पुलिस वाहन (PCR) से युवकों को बाहर निकालकर उन पर चापड़ से हमला कर रहे हैं। मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मी हमलावरों को रोकने का प्रयास करते दिखाई देते हैं, लेकिन इसके बावजूद हमला जारी रहता है।
इस घटना में हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्युष सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे। बाद में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली और शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सिटी एसपी की सरकारी गाड़ी पर हमला, पीछे का शीशा टूटा
हिमांशु सिंह की मौत की सूचना मिलते ही टीएमएच, बिष्टुपुर थाना और रीगल गोलचक्कर के आसपास बड़ी संख्या में लोग जुट गए। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों ने सिटी एसपी ललित मीणा की सरकारी गाड़ी पर हमला कर दिया, जिससे वाहन का पिछला शीशा टूट गया।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे तीखे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि पुलिस हेलमेट जांच और सामान्य मामलों में जिस तेजी से कार्रवाई करती है, उसी तत्परता का प्रदर्शन इस हमले के दौरान क्यों नहीं किया गया।
लोगों ने हाल के चर्चित मामलों का हवाला देते हुए कहा कि कैरव गांधी अपहरण कांड और सिदगोड़ा चेन स्नैचिंग मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गोली मारकर काबू करने का दावा किया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि डबल डाउन बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी में जब हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर चापड़ और चाकुओं से हमला किया जा रहा था, तब वैसी त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि न तो लाठीचार्ज किया गया और न ही हमलावरों को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
डांसर से छेड़छाड़ के आरोप के बाद बढ़ा विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार रात बार के अंदर कुछ युवकों पर डांसर से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद बार प्रबंधन, बाउंसरों और युवकों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वहीं हिमांशु सिंह की मौत के बाद शहर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।






