Bihar Fake IAS: फर्जी IAS मनीष गुप्ता की Tesla से थाने पहुंचने की कहानी, घर से शराब और कई दस्तावेज बरामद

Bihar Fake IAS Manish Gupta

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

खगड़िया: बीती 8 अगस्त को बिहार के खगड़िया में पुलिस ने मनीष कुमार उर्फ मनीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया। मनीष पर खुद को IAS अधिकारी बताने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे थाने ले जाने लगी तो एक ऐसा मामला सामने आया, जिसकी चर्चा अब काफी हो रही है।

पुलिस मनीष को उसकी महंगी Tesla कार में फ्रंट सीट पर बैठाकर ही थाने ले जा सकी। वजह बताई गई कि यह Tesla FSD यानी Full Self-Driving सुविधा वाली कार थी।

मौके पर मौजूद स्थानीय पत्रकार रणवीर कुमार के मुताबिक, मनीष ने पुलिस से कहा कि जब तक वह कार में आगे नहीं बैठेगा, तब तक कार नहीं चलेगी। इसके बाद मनीष कुमार गुप्ता और उसका ड्राइवर आगे की सीट पर बैठे, जबकि दरोगा पीछे बैठकर उसे थाने ले गए।

अब यह Tesla थाने में खड़ी है और लोग इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

10 साल से इलाके में IAS होने का दावा

खगड़िया जिले में मनीष गुप्ता पिछले करीब 10 वर्षों से गोगरी थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह इलाके में खुद को IAS अधिकारी बताकर रौब दिखाता था।

मनीष खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट और केंद्रीय सतर्कता आयोग के अधिकारी के तौर पर भी पेश करता था।

खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह के मुताबिक, मनीष के इन दावों को प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया है।

गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार की ओर से दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, पुलिस को घर के सामने एक व्यक्ति चश्मा लगाए और हाफ पैंट पहने टहलता हुआ दिखाई दिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मनीष कुमार गुप्ता बताया और खुद को IAS अधिकारी बताया।

FIR में कहा गया है कि मनीष ने अपने मोबाइल में एक परिचय पत्र दिखाया, जिस पर Central Vigilance Commission लिखा था। उसमें पहचान पत्र संख्या 0577102 और Chief Security Officer अंकित था।

आगे पूछताछ के दौरान उसने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताया। पुलिस के अनुसार, इसका सत्यापन कराया गया, जो प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया।

घर के बाहर खड़ी थी Tesla और Government of India बोर्ड वाली Safari

FIR के मुताबिक, मनीष के घर के सामने काले रंग की Tesla कार और सफेद रंग की Safari खड़ी थी। Safari पर Government of India का बोर्ड लगा हुआ था।

पुलिस ने दोनों गाड़ियों के बारे में पूछताछ की तो मनीष ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि दोनों गाड़ियां उसकी हैं।

मामला संदिग्ध लगने के बाद पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार कर लिया और उसके घर की तलाशी शुरू की।

घर की तलाशी में कई चीजें बरामद

पुलिस को मनीष के घर की तलाशी लेने में कई घंटे लगे। घर की रसोई और बरामदे में रखी अलमारी से पुलिस ने करीब 31 लीटर विदेशी शराब बरामद की।

खगड़िया पुलिस ने प्रेस रिलीज के जरिए बरामद विदेशी शराब के कुल 29 ब्रांडों के नाम भी सार्वजनिक किए हैं।

विदेशी शराब के अलावा करीब 10 लीटर बीयर और 30 लीटर सोडा वाटर भी बरामद किया गया।

पुलिस के अनुसार, मनीष के पास से 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक भी मिली हैं। इसके अलावा Apple कंपनी के 2 लैपटॉप और 5 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए ज्यादातर क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और चेकबुक मनीष कुमार के नाम पर हैं, लेकिन कुछ दस्तावेज दूसरे लोगों के नाम पर भी पाए गए हैं। इनमें आरएन कुमार, मुकेश कुमार गुप्ता और अजीत कुमार के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा मनीष के घर से बारहसिंघा की दो सींग भी बरामद होने की बात सामने आई है।

आखिर कैसे लोगों को विश्वास दिलाता रहा कि वह IAS है?

यह सवाल भी उठ रहा है कि मनीष कुमार ने इतने लंबे समय तक खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को कैसे प्रभावित किया।

स्थानीय पत्रकार रणवीर कुमार के मुताबिक, मनीष के पिता परमेश्वर प्रसाद गुप्ता स्थानीय KDS कॉलेज में पढ़ाते थे और उन्होंने पहले कुछ संपत्ति बनाई थी।

मनीष के घर के बाहर मौजूद बड़ा बगीचा पहले खेत हुआ करता था। करीब छह साल पहले मनीष ने खेत को गार्डन में बदलवाया और वहां आलीशान घर बनवाना शुरू किया।

रणवीर कुमार के मुताबिक, घर के बाहर हमेशा दो चौकीदार सुरक्षा गार्ड की तरह बैठे रहते थे और किसी भी व्यक्ति का आसानी से घर के अंदर जाना संभव नहीं था।

मनीष अकेला रहता था और बहुत ज्यादा लोगों से मेलजोल नहीं रखता था। आसपास के लोगों का कहना था कि उसने दसवीं की परीक्षा में खगड़िया में टॉप किया था, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

मनीष अविवाहित है।

UPSC की तैयारी और फर्राटेदार अंग्रेजी से नहीं हुआ शक

गोगरी के SDPO चंदन कुमार के मुताबिक, मनीष ने कुछ वर्षों तक UPSC की तैयारी की थी। वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता था, जिसकी वजह से लोगों को उस पर शक नहीं हुआ।

खगड़िया के SP भानु प्रताप सिंह ने भी हैरानी जताई कि मनीष पिछले 8 से 10 वर्षों से खुद को IAS अधिकारी बताता रहा, लेकिन इतने लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहा।

SP के मुताबिक, मनीष ने अपनी बॉडी लैंग्वेज इस तरह विकसित कर ली थी कि वह किसी अधिकारी जैसा ही दिखाई देता था।

पुलिस रिमांड का इंतजार

9 अगस्त को दर्ज FIR में मनीष के खिलाफ BNS की धारा 204, 205, 212, 213, 318(2), 319(2), 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इसके अलावा जम्मू एवं कश्मीर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1978 की धारा 51 भी लगाई गई है।

घर से बरामद शराब के मामले में अलग से FIR दर्ज की गई है।

जिन BNS धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, वे मुख्य रूप से लोकसेवक का रूप धारण करने, किसी प्रतीक का कपटपूर्ण इरादे से इस्तेमाल करने और जालसाजी से जुड़े अपराधों से संबंधित हैं।

मनीष कुमार फिलहाल मंडल कारा खगड़िया में बंद है।

गोगरी के SDPO चंदन कुमार के मुताबिक, इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU की टीम भी एक बार खगड़िया का दौरा कर चुकी है। पुलिस को अभी मनीष की रिमांड नहीं मिली है और उम्मीद है कि रिमांड मिलने के बाद उससे आगे पूछताछ की जाएगी।

विदेश में भी संपत्ति होने की जांच

पुलिस के मुताबिक, मनीष कुमार ने बिहार के अलग-अलग जिलों में लोगों से ठगी की है। फिलहाल पुलिस उसकी संपत्ति का मूल्यांकन कर रही है।

मनीष की संपत्ति करीब 100 करोड़ रुपये होने की बात कई मीडिया रिपोर्टों में कही गई है, लेकिन इस आंकड़े की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

खगड़िया SP भानु प्रताप सिंह ने गिरफ्तारी के बाद कहा था कि सामान्य तौर पर Tesla जैसी गाड़ी आसानी से नहीं मिलती। इसी वजह से मामले की जांच में आर्थिक अपराध इकाई समेत कई एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनीष ने इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की।

SP के मुताबिक, मामले में आर्थिक धोखाधड़ी के साथ-साथ लोगों पर दबंगई और दहशत फैलाने के पहलू की भी जांच की जा रही है।

पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि मनीष की बिहार के अलावा विदेशों में भी संपत्ति हो सकती है। इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच बड़े स्तर पर की जा रही है और आगे इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

BDC Hindi
Author: BDC Hindi

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

BDC Hindi